सच हम नहीं, सच तुम नहीं, सच है महज संघर्ष ही!

बुधवार, मई 26, 2010

जातिवाद

सत्रह तारीख़ को
इसी बगीचे में
फिरंगियों की गोलियों से
गणेश और सलीम
एक साथ शहीद हुए
तब उनकी जाति
शहीदों की थी
उनका धर्म आज़ादी था
मरने पर हमने बनाई
एक समाधि
और एक क़ब्र
और शहीदों को तब्दील कर दिया
हिन्दू और मुसलमान में .

- मनोहर बाथम

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