सच हम नहीं, सच तुम नहीं, सच है महज संघर्ष ही!

शनिवार, सितंबर 14, 2013

एक मजबूत विकल्प की दरकार!

हंग पार्लियामेंट से बेहतर होगा कि हम अपना वोट और विश्वास उस गठबंधन को सौपें जो लगता है कि वाकई ये सत्ता का प्रबल दावेदार है. अन्यथा इस देश की माली हालत छिपी नहीं है. देश को एक स्थिर और निर्णायक सरकार की दरकार है. लिहाजा, हमें चाहिए की हम तीसरे मोर्चे पर भी अपनी राय स्पष्ट करें. दरसल, बीजेपी के पास वैसे अलाइस नहीं हैं जो 272 को मैजिकल फिगर उसे दिलवा दे. आपका क्या कहना है?? नमो या राहुल का भ्रम पाल कर देश को रसातल में ले जाना है या एक मजबूत विकल्प ढूँढना है..


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2 टिप्‍पणियां:

  1. हिंदी दिवस के शुभ मौके पर हिंदी को एक ओर उपहार ---हिंदी तकनीकी दुनिया का शुभारंभ... कृपया आप भी पधारें, आपके विचारों का स्वागत किया जायेगा |

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