सच हम नहीं, सच तुम नहीं, सच है महज संघर्ष ही!

शुक्रवार, जून 11, 2010

चना जोर गरम...



5 टिप्‍पणियां:

  1. चना जोर गरम बाबू
    मै लाया मजेदार
    चनाजोर गरम . बचपन में एक चने वाले से ये गाना खूब सुनते थे....यादें तरोताजा कर दी ...

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  2. नमस्ते,

    आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

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