सच हम नहीं, सच तुम नहीं, सच है महज संघर्ष ही!

बुधवार, जून 16, 2010

पुरानी जींस और गिटार...मोहल्ले की वो छत और मेरे यार!



पुरानी जींस और गिटार...



मोहल्ले की वो छत और मेरे यार!



4 टिप्‍पणियां:

  1. थैंक्स भाई.. कॉलेज के दिन याद दिला दिए..

    उत्तर देंहटाएं
  2. नमस्ते,

    आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. अच्छा है पर सच बताऊं मुझे पसंद नहीं। पता नहीं क्यों।
    http://udbhavna.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं