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शुक्रवार, जून 11, 2010

सोनिया गाँधी...द रेड साड़ी..और विवादस्पद अंश..

सोनिया गाँधी यानी भारत की एक सशक्त महिला और उनपर लिखा गया एक उपन्यास 'द रेड साड़ी'। विवादस्पद। हंगामा मचाने वाला ग्रन्थ। लेखक 'जेवियर मोरो' हर हाल में चाहते हैं कि यह उपन्यास भारतियों के हाथ में भी जाए। पर कांग्रेस इसे झूठ का पिटारा बता कर विरोध कर राही है। आइये जानते हैं कि
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हंगामा क्यों है बरपा
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- इमरजेंसी लागू करने में सोनिया की भी रजामंदी थी।
- एक पंडित ने सोनिया को राजीव गाँधी के अंतिम संस्कार में जाने से यह तर्क देकर मन कर दिया कि वह दूसरे धर्म कीहैं।
- राजीव की हत्या के बाद सोनिया गाँधी ने यह आशंका जाहिर की कि यह काम इंदिरा गाँधी के हत्यारे सिखों तथा गाँधी जी के हत्यारे हिन्दू कट्टरपंथी या मुस्लिम अतिवादियों का है।
- सोनिया का मानना था कि अगर इंदिरा गाँधी दबाव नही डालती तो राजीव राजनीती में नही आते और वे पायलट ही रहते..जिन्दा रहते।
- राजीव के हत्या के बाद सोनिया गाँधी की माँ ने फोन से उन्हें वापस लौट आने को कहा..सोनिया भी यही सोच रही थी..और उनका मानना था कि यह देश उनके बच्चों को भी निगल जायेगा।
- सोनिया गाँधी बचपन से ही दमे की मरीज हैं।
- सोनिया की माँ एक पुलिस वाले की बेटी हैं और वह एक बार का सञ्चालन करती हैं।

2 टिप्‍पणियां:

  1. बस??? इतना ही??? इसमें विवादास्पद क्या है?

    इससे कहीं बहुत अधिक तो नेहरु के सचिव मथाई और सुब्रह्मण्यम स्वामी सबको बता चुके हैं… मेरे ब्लॉग के साइड बार में आपने देखा ही होगा…। बल्कि स्वामी का तो आरोप यही है कि यदि राजीव के जीवन में सोनिया नहीं आई होतीं तो वे मासूम और ईमानदार ही बने रहते।

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  2. नमस्ते,

    आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

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